जब पास तू होता है। शायरी ( फॉर गर्ल्स )
हेल्लो दोस्तों ,
कुछ खास एह्साह कुछ खाश के पास होने पर होते है। और ज़िंदगी के हर मोड़ पर वह
एहसास उस खाश शख्स की याद दिलाते रहते है ,
जब अकेलेपन का साया होता है तब सिर्फ इन्ही एहसासो का दिया ही उस साये को हमसे दूर रखता
है , पर हमारे उस खाश और कीमती शक्श को किसी न किसी की नजर लग ही जाती है।
और हर वह इंसान चाहेगा की वो हर उस बुरी नजर को जला दे जोह उसे उसकी कीमती शक्श से
जुदा करे , अपनी चाहत को इतना मजबूत रखिये की खुदा से भी उसे चुराना पड़े तोह बे झिझक चुरा
ले।
बस हर हाल में दूरियों में या नजदीकियों में अपने प्यार को सिर्फ अपना बना कर रखे। आशा करती
हु मेरी कुछ लाइन आपको आपके मोहोब्बत से नजदीकियां बनाए रखेगी।
लब मेरे ये तुमसे अक्सर कुछ कह नहीं पाती
जस्बात सिर्फ जस्बात बनकर है रह जाती
ये धड़कने रुक सी जाती है जब इन निगाहो
में तेरी सूरत नजर नहीं आती
न समझना मुझे औरो सा,चाहत नहीं मुझे दौलत की
है चाहत तोह सिर्फ
बस एक तुम और सिंदूर हो तुम्हारे नाम की
ज़माने के दर्द को तुम अपने मुझमें समा देना
हो खफा तो थप्पड़ लगा लेना
हर ज़ख्म अपना कर आपके अगर हम रोह पड़े
तोह बस हमे गले से लगा लेना
जब पास तू होता है। शायरी ( फॉर गर्ल्स )




